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Thursday, April 16, 2026
शिक्षाहिमाचल

संस्कृत शिक्षित बेरोजगारों का सोलन संस्कृत कालेज में हंगामा, जोरदार नारेबाजीसोलन March 5, 2024

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सोलन : संस्कृत शिक्षित बेरोजगारों का सोलन संस्कृत कालेज में हंगामा, जोरदार नारेबाजी
सोलन March 5, 2024
सोलन। यहां स्थित संस्कृत महाविद्यालय में संस्कृत अकादमी द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में अपनी नौकरियों के लिए इंतजार कर रहे संस्कृत शिक्षित बेरोजगारों ने हंगामा कर दिया।उन्होंने संस्कृ​त अकादमी प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। गुस्साए बेरोजगारों के कार्यक्रम स्थल में घुसने का प्रयास करते देख कार्यक्रम आयोजकों ने सभागार का का प्रवेश द्वार बंद कर दिया। इससे नाराज संस्कृत शिक्षित बेरोजगारो ने जमकर कालेज परिसर में ही जमकर नारेबाजी शुरू कर दी।कार्यक्रम के समाप्त होने के बाद संस्कृत शिक्षा सचिव ने उन्​हें अंदर तो बेलाया लेकिन बातचीत यहां भी सिरे नहीं चढ़ी और निराश लौट रहे बेरोजगारों ने जाते जाते भी अकादमी और संस्कृत शिक्षा के अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

आज सोलन स्थित संस्कृत महाविद्यालय में राज्य स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन शुरू हुआ था। इस कार्यक्रम में आए अधिकारियों के सामने अपनी पीड़ा बयान करने का ऐलान पहले ही कर दिया था। इसके लिए सैकड़ों युवा सोलन पहुंचे थे। जब वे अंदर जाने लगे तो संस्कृत कालेज प्रबंधन ने उन्हें अंदर घुसने देने से मना कर दिया।इससे वे नाराज होकर वे कालेज परिसर में ही बैठ गए। कुछ युवा सभागार में घुसने का प्रयासकर रहे थे तो प्रबंधन ने सभागार के प्रवेशद्वार को अंदर से बंद कर दिया। इससे बेरोजगार गुस्सा गए और उन्होंने कालेज परिसर में ही नारेबाजी शुरू कर दी।उन्होंने अपनी मांगों के बारे में मीडिया को बताया कि वे संस्कृत से पढ़ाई करने वाले छात्र हैं। उके संगठन में निजी और सरकारी संस्कृत कालेजों से पढ़ाई करने वाले पांच हजार से ज्यादा छात्र प्रदेश भर में जुड़े हुए हैं। उन्होंने बताया कि सरकार ने शास्त्री पद को भर्ती के लिए बीए व एमएम शिक्षित बेरोजगारों के लिए भी खोल दिया है।
इससे उनके अधिकारों का हनन हो रहा है। उन्होंने अपनी बात शिक्षा मंत्री से की तो उन्होंने कहा कि यह नीति केंद्र की है। लेकिन इस तरह का कोई नियम उन्हें नहीं मिला। छात्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री को भी उन्होंने अपनी पीड़ा बताते हुए ज्ञापन सौंपा लेकिन कहीं से भी उन्हें रोशनी की किरण नजर नहीं आ रही है। अंतत: उनके संगठन ने कालेजों में हो रही प्रतियोगिताओं में आने वाले अधिकारियों के सामने अपनी बात रखने का निर्णय लिया।
इससे पहले कुल्लू में भी अधिकारियों के सामने अपनी बात रखी, लेकिन सोलन में उनके लिए कालेज के दरवाजे ही बंद कर दिए गए। लगभग दो घंटे नारेबाजी के बाद कार्यक्रम के समापन के बाद संस्कृत शिक्षा सचिव ने उन्हें अंदर बुलाया लेकिन वहां भी वार्ता के बीच दोनों पक्षों में तनातनी बढ़ गई।

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