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Wednesday, May 13, 2026
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केंद्रीय बजट में हुईं ये बड़ी घोषणाएं, हिमाचल को भी मिलेगा लाभ

1फरवरी 2025
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को लोकसभा में पेश बजट में कई बड़ी घोषणाएं कीं। जानिए कृषि, पर्यटन, स्वास्थ्य, आयकरदाताओं के लिए बजट में क्या मिला।केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को लोकसभा में बजट पेश किया। इस दाैरान उन्होंने कई बड़ी घोषणाएं कीं। इन घोषणाओं से हिमाचल को भी लाभ होगा। अब 12 लाख रुपये तक की आय पर आयकर नहीं लगेगा। जब स्टैंडर्ड डिडक्शन भी जोड़ देंगे तो वेतनभोगी लोगों के लिए 12.75 लाख रुपये की आमदनी पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। वित्त मंत्री ने नए टैक्स स्लैब का एलान करते हुए कहा कि इससे मध्यम वर्ग देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देगा। 12 लाख रुपये तक की कर योग्य आय वालों को इनकम टैक्स में 80 हजार रुपये का फायदा होगा। 18 लाख रुपये तक की कर योग्य आय वालों को इनकम टैक्स में 70 हजार रुपये का फायदा होगा। 25 लाख रुपये तक की कर योग्य आय वालों को इनकम टैक्स में 1.10 लाख रुपये का फायदा होगा। वरिष्ठ नागरिकों के लिए टीडीएस में छूट की सीमा को 50 हजार से बढ़ाकर एक लाख रुपये किया जाएगा।ये रहेगा आयकर का स्लैब

0-4 लाख रुपये तक की आय पर कोई कर नहीं।
4-8 लाख की आय पर 5 प्रतिशत
8-12 लाख की आय पर 10 प्रतिशत
12-16 लाख की आय पर 15 प्रतिशत
16-20 लाख की आय पर 20 प्रतिशत
20-24 लाख की आय पर 25 प्रतिशत
24 लाख से ऊपर की आय पर 30 प्रतिशत
7.7 करोड़ किसानों को अल्पकालिक लोन की सुविधा मिलेगी

किसान क्रेडिट कार्डों (केसीसी) से 7.7 करोड़ किसानों, मछुआरों और डेयरी किसानों को अल्पकालिक ऋणों की सुविधा मिलती है। संशोधित ब्याज सब्सिडी योजना के अंतर्गत किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से लिए जाने वाले ऋणों के लिए ऋण सीमा ३ लाख से बढ़ाकर 5 लाख कर दी जाएगी। यूरिया उत्पादन में आत्मनिर्भरता के लिए हमारी सरकार ने पूर्वी क्षेत्र में निष्क्रिय पड़े तीन यूरिया संयंत्रों में उत्पादन पुनः प्रारंभ किया है। यूरिया की आपूर्ति और अधिक बढ़ाने के लिए नामरूप, असम में 12.7 लाख मीट्रिक टन की वार्षिक उत्पादन क्षमता वाला एक संयंत्र स्थापित किया जाएगा। इसी तरह सब्जियों और फलों के लिए सरकार आय के स्तर को बढ़ाने के साथ, सब्जियों, फलों और श्रीअन्न का उत्पादन को बढ़ावा दे रही है। इसके लिए किसान उत्पादक संगठनों और सहकारी समितियों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही राज्य सरकारों के साथ मिलकर योजनाएं बनाई जाएंगी। वित्त मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के तहत ऐसे 100 जिलों को चुना जाएगा, जहां पर कृषि उत्पादकता कम है। इस योजना से 1.7 करोड़ किसानों को लाभ होगा।

पर्यटन के लिए ये घोषणाएं
ई उड़ान योजना के तहत 120 नए स्थानों तक कनेक्टिविटी बढ़ाने और अगले 10 वर्ष में चार करोड़ यात्रियों की मदद करने पर जोर दिया जाएगा। पहाड़ी व नॉर्थ ईस्ट रीजन में कनेक्टिविटी बढ़ाई जाएगी। मेडिकल टूरिज्म को बढ़ाया दिया जाएगा। देश में शीर्ष 50 पर्यटन स्थलों को राज्यों की भागीदारी से चैलेंज मोड माध्यम से विकसित किया जाएगा। महत्वपूर्ण अवसंरचना के निर्माण के लिए भूमि की व्यवस्था राज्यों की ओर से की जाएगी। उन स्थलों के होटलों को अवसंरचना में शामिल किया जाएगा। रोजगार प्रेरित विकास को सुगम बनाने के लिए उपाय किए जाएंगे। इसमें आतिथ्य प्रबंधन संस्थानों सहित युवाओं के लिए गहन कौशल विकास कार्यक्रमों का आयोजन, होमस्टे के लिए मुद्रा ऋण प्रदान करना, पर्यटन स्थलों में यात्रा की सुगमता और संपर्क में सुधार करना, पर्यटकों के लिए सुख-सुविधाएं, स्वच्छता और विपणन संबंधी प्रयासों सहित प्रभावी पर्यटन स्थल प्रबंधन के लिए राज्यों को निष्पादन संबद्ध प्रोत्साहन प्रदान करना व कुछ पर्यटक समूहों के लिए वीजा शुल्क छूट के साथ ई-वीजा की सुविधाओं को सुव्यवस्थित करना शामिल हैं।

औषधि-दवाओं के आयात पर राहत
केंद्रीय बजट में रोगियों, विशेष रूप से, कैंसर, असाधारण रोगों और अन्य गंभीर जीर्ण रोगों से पीड़ित रोगियों को राहत देने के लिए 36 जीवनरक्षक औषधियों और दवाओं को बुनियादी सीमा शुल्क (बीसीडी) से पूरी तरह छूट प्राप्त दवाओं की सूची में शामिल करने का प्रस्ताव है। 6 जीवनरक्षक दवाओं को 5 फीसदी के रियायती सीमा शुल्क वाली दवाओं की सूची में शामिल करने का प्रस्ताव है। पूर्ण छूट और रियायती शुल्क उपर्युक्त के निर्माताओं के लिए थोक औषधियों पर भी इसी प्रकार लागू होंगे। औषध कंपनियों द्वारा चलाए जाने वाले रोगी सहायता कार्यक्रमों के अंतर्गत विशिष्ट औषधियां और दवाएं बीसीडी से पूरी तरह छूट प्राप्त हैं, बशर्ते कि दवाओं की आपूर्ति रोगियों को निःशुल्क की जाएं। 13 नए रोगी सहायता कार्यक्रमों के साथ 37 अन्य दवाओं को इसमें शामिल करने का प्रस्ताव है।
सभी जिला अस्पतालों में डे-केयर कैंसर केंद्र
केंद्र सरकार ने दस वर्षों में लगभग 1.1 लाख स्नातक और स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा सीटों को जोड़ा है और यह 130 प्रतिशत की वृद्धि है। अगले पांच वर्षों में 75,000 सीटों को जोड़ने के लक्ष्य की दिशा में आगामी वर्ष में मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में 10,000 अतिरिक्त सीटें जोड़ी जाएंगी। सरकार अगले तीन वर्षों में सभी जिला अस्पतालों में डे-केयर कैंसर केंद्रों को स्थापित करने की सुविधा प्रदान करेगी। वर्ष 2025-26 में 200 केंद्र स्थापित किए जाएंगे। अब कोबाल्ट पाउडर और लिथियम आयन बैटरी, पारा, जिंक और 12 अन्य महत्वपूर्ण खनिजों के अपशिष्ट एवं अवशिष्ट पर पूरी तरह से छूट का प्रस्ताव है। इससे भारत में विनिर्माण के लिए उनकी उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा हमारे युवाओं के लिए और अधिक रोजगार को बढ़ावा देने में सहायता मिलेगी। पूरी तरह से छूट प्राप्त वस्त्र मशीनरी की सूची में दो अन्य प्रकार के शटल रहित करघों को शामिल करने का प्रस्ताव है।
नौ टैरिफ लाइनों द्वारा कवर किए गए बुने वस्त्रों पर 10 फीसदी अथवा 20 फीसदी के बीसीडी दर को संशोधित कर 20 फीसदी अथवा 115 रुपए प्रति किलोग्राम, जो भी अधिक हो करने का भी प्रस्ताव है। इसके अलावा इंटरैक्टिव फ्लैट पैनल डिस्प्ले (आईएफडीपी) पर बीसीडी को 10 से बढ़ाकर 20 फीसदी करने और ओपन सेल तथा अन्य घटकों पर बीसीडी को कम करके 5 प्रतिशत करने का प्रस्ताव है। इलेक्ट्रिक वाहनों के बैटरी के विनिर्माण के लिए 35 अतिरिक्त पूंजीगत वस्तुओं और मोबाइल फोन बैटरी विनिर्माण के लिए 28 अतिरिक्त पूंजीगत वस्तुओं को छूट प्राप्त पूंजीगत वस्तुओं की सूची में शामिल करने का प्रस्ताव है। इससे मोबाइल फोन और इलेक्ट्रिक वाहनों दोनों के लिए लिथियम आयन बैटरी के घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा मिलेगा। जलपोतों के विनिर्माण के लिए कच्चे माल, घटकों, उपभोज्यों अथवा पुर्जों पर अगले दस वर्षों तक बीसीडी से छूट जारी रखने का प्रस्ताव है।

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