गुरुद्वारा अखंड चौकड़ा ने मनाया खालसा साजना दिवस (वैसाखी )
गुरुद्वारा अखंड चौकड़ा ने मनाया खालसा साजना दिवस (वैसाखी )
परवाणू के प्रवेश द्वार पर स्थित गुरुद्वारा अखंड चौकड़ा में सिख पंथ की स्थापना दिवस के अवसर पर वैसाखी पर्व हर्षोउल्लास से मनाया गया l इस अवसर पर गुरुद्वारा प्रबंधन द्वारा निशान साहिब की सेवा के बाद शब्द कीर्तन का आयोजन किया l लगभग 50 वर्षों से अधिक समय से लगातार गुरूद्वारे की सेवा कर रहे गुरुद्वारा प्रबंधक बलबीर सिंह ने वैसाखी पर्व के महत्व को बताया l उन्होंने बताया की सिख धर्म की शुरुवात श्री गुरु नानक के द्वारा पन्द्रहवीं सदी में भारत के पंजाब क्षेत्र में की थी l

इसकी धार्मिक परम्पराओं को गुरु गोबिन्द सिंह ने वैसाखी वाले दिन, 13 अप्रैल 1699 के दिन सिक्ख पंथ की स्थापना कर नए पंथ की शुरुवात की थी l उन्होंने बताया के आज ही के दिन गुरु गोबिंद सिंह ने सबसे पहले 5 प्यारों को अमृत पान करवाया था व् पांच प्यारों के हाथों से स्वयं भी अमृत पान किया था। गुरु गोबिंद सिंह ने अमृत पान करने वालों को सिंह की उपाधि से नवाजा था तथा जाती भेद को ख़त्म किया था l इस अवसर पर गुरुद्वारा प्रबंधन द्वारा मिष्ठान व् फल वितरित कर इस पावन पर्व को सहर्ष मनाया गया l इस अवसर पर रविंदर कौर, जसवंत सिंह, मेहर, जसकीरत , रोमी , रमेश व् अन्य लोग मौजूद रहे l
