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Wednesday, April 15, 2026
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कसुम्पटी विधानसभा क्षेत्र को मुख्यमंत्री ने दी 43.37 करोड़ की सौगातसरकार के कड़े फैसलों का 70 प्रतिशत आबादी पर प्रभाव नहींः मुख्यमंत्रीशिमला ब्यूरो:25 नवम्बर, 2024

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कसुम्पटी विधानसभा क्षेत्र को मुख्यमंत्री ने दी 43.37 करोड़ की सौगात
सरकार के कड़े फैसलों का 70 प्रतिशत आबादी पर प्रभाव नहींः मुख्यमंत्री
शिमला ब्यूरो:25 नवम्बर, 2024
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज शिमला जिला के कसुम्पटी विधानसभा क्षेत्र को 43.37 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं की सौगात दीं। उन्होंने विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत चलौंठी में 20.26 करोड़ रुपये की लागत से बने जिला परिषद भवन का लोकार्पण किया और इसका निरीक्षण किया। इसके उपरांत उन्होंने 21.36 करोड़ रुपये लागत से निर्मित राजकीय महाविद्यालय कोटी के नए भवन तथा 1.75 करोड़ रुपये से बने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कोटी के नवनिर्मित साइंस ब्लॉक का लोकार्पण भी किया।
उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र कोटी में 10 बिस्तरों और पर्याप्त स्टाफ का प्रावधान करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि कोटी में एक एंबुलेंस का प्रावधान किया जाएगा ताकि आपात स्थिति में लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकंे। उन्होंने कोटी में पुलिस चौकी खोलने के साथ-साथ कोटी-पदेची सड़क व कोटी से मुंडाधार सड़कों को 50-50 लाख रुपये प्रदान करने की घोषणा की। उन्होंने शिमला से पीरन वाया कुफरी बस सेवा आरम्भ करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सतलाई में नया पटवार वृत खोलेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कोटी को प्रदेश का पहला कॉलेज बनाएगी, जहां बीएड की कक्षाएं अगले शैक्षणिक सत्र से आरम्भ कर दी जाएंगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार प्रदेश के अन्य कॉलेजों में बीएड और आईटीआई शुरू करने पर विचार कर रही है।
उन्होंने कहा कि पिछली सरकार की गलत नीतियों के कारण प्रदेश में शिक्षा का स्तर गिरा है लेकिन वर्तमान सरकार सुधार कर रही है और प्रदेश में 800 इंस्टीट्यूशन ऑफ एक्सीलेंस बनाए जा रहे हैं। इसके साथ ही प्रदेश में राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल खोले जा रहे हैं। राज्य सरकार शिक्षा के साथ-साथ स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी व्यापक सुधार कर रही है और आईजीएमसी शिमला में मरीजों के लिए सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार के विरुद्ध सोशल मीडिया पर टॉयलेट टैक्स और समोसा पॉलिटिक्स के नाम पर दुष्प्रचार का अभियान छेड़ा गया। आज विपक्ष उनपर व्यक्तिगत हमले भी कर रहा है लेकिन वह इससे डरने वाले नहीं हैं। विशेष रुप से जब से कांग्रेस की विधानसभा में दोबारा 40 सीटें हुई हैं, तब से भाजपा नेता बौखलाए हुए हैं। सत्ता में बने रहने के लिए हम गलत निर्णय नहीं ले सकते। वर्तमान राज्य सरकार कड़े फैसले ले रही है, जिनके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रदेश की 70 प्रतिशत आबादी पर इन कड़े फैसलों का कोई असर नहीं होगा। उन्होंने कहा कि देशभर में हमारी गारंटियों की बात होती है, लेकिन पिछली भाजपा सरकार ने गरीब व्यक्ति का हक साधन सम्पन्न को दे दिया और मुफ्त की रेवड़ियां बांट दीं, इसकी चर्चा कहीं नहीं होती है। जब कांग्रेस की सरकार बनी तो प्रदेश का खजाना खाली था और चुनाव से छह माह पहले 900 से ज्यादा संस्थान खोल दिए गए। उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार द्वारा आवश्यकतानुसार जनता की मांग पर नए स्कूल खोले जाएंगें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने मनरेगा मजदूरों की दिहाड़ी में उल्लेखनीय 60 रुपये की वृद्धि की है जिससे अब दिहाड़ी 240 से बढ़कर 300 रुपये हो गई है। वर्तमान राज्य सरकार ने पहली ही कैबिनेट बैठक में 1.36 लाख कर्मचारियों की ओपीएस की मांग को पूरा किया। गाय के दूध के न्यूनतम समर्थन मूल्य को 45 रुपये तथा भैंस के दूध के न्यूनतम समर्थन मूल्य को 55 रुपये किया है। इसके अतिरिक्त प्रदेश सरकार प्राकृतिक खेती से उगाए गए गेहूं को 40 रुपये तथा मक्की को 30 रुपये प्रति किलो की दर से खरीद रही है।
श्री सुक्खू ने कहा कि हमने यह सब काम चुनावी लाभ के लिए नहीं किए, बल्कि इसलिए किए ताकि गांव में रहने वाला व्यक्ति अच्छा जीवन जी सकें। उन्होंने कहा कि जयराम ठाकुर जी ने मुख्यमंत्री रहते हुए यह बातें नहीं सोची, लेकिन वर्तमान सरकार प्रदेश के लोगों की समृद्धि के लिए काम कर रही है। हिमाचल को सशक्त बनाने के लिए गांव के लोगों को सशक्त करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सरकारी कर्मचारियों के कल्याण के लिए भी काम कर रही है। मुझे मुख्यमंत्री के रूप में जनसेवा का दायित्व मिला तो सिर्फ इस सोच के साथ हमने काम करना शुरू किया कि गरीबों को प्रदेश के संसाधनों का लाभ मिले।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले दो वर्षों में इसी सोच को धरातल पर उतारने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि 6000 अनाथ बच्चों को मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना के तहत ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ के रुप में अपनाया गया है।

विधवाओं के 27 वर्ष की आयु तक के 23 हजार बच्चों की शिक्षा का खर्च उठाने के लिए राज्य सरकार ने बजट में प्रावधान किया है। विधवाओं को घर बनाने के लिए तीन लाख रुपये की आर्थिक सहायता के साथ-साथ एक लाख रुपये रसोई और शौचालय बनाने के लिए एक लाख रुपये की अतिरिक्त सहायता दी जाएगी। इसके अलावा कोई भी बच्चा पैसों की कमी के कारण शिक्षा से वंचित न रहे, यह सुनिश्चित करने के लिए उनकी शिक्षा के लिए एक प्रतिशत की दर से 20 लाख रुपये तक ऋण उपलब्ध करवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस योजना का दायरा अब विदेश में पढ़ाई करने के इच्छुक विद्यार्थियों के लिए भी बढ़ाया गया है।
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने मुख्यमंत्री का इन सभी परियोजनाओं के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह के आशीर्वाद से आज कसुम्पटी विधानसभा क्षेत्र में विकास की अनेक परियोजनाओं पर काम चल रहा है और मुख्यमंत्री ने बीते दो वर्षों में इस क्षेत्र में सड़कों के निर्माण के लिए 40 करोड़ रुपये स्वीकृति प्रदान की है, जबकि पिछली भाजपा सरकार के कार्यकाल में क्षेत्र के विकास को लटकाया गया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशों पर ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग में खाली पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरा जा रहा है।

इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश वन विकास निगम के उपाध्यक्ष केहर सिंह खाची, एपीएमसी शिमला के अध्यक्ष देवानंद वर्मा, जिला परिषद शिमला अध्यक्ष चन्द्रप्रभा नेगी, पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधि, सचिव राजेश शर्मा, निदेशक ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग राघव शर्मा, उपायुक्त अनुपम कश्यप सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

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