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Monday, April 20, 2026
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मुख्यमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय लवी मेले के समापन समारोह की अध्यक्षता कीप्रदेश सरकार ने केंद्र से शिपकी ला मार्ग से व्यापार फिर शुरू करने का आग्रह किया: मुख्यमंत्री शिमला ब्यूरो:14 नवम्बर, 2025

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मुख्यमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय लवी मेले के समापन समारोह की अध्यक्षता की
प्रदेश सरकार ने केंद्र से शिपकी ला मार्ग से व्यापार फिर शुरू करने का आग्रह किया: मुख्यमंत्री
शिमला ब्यूरो:14 नवम्बर, 2025
शिमला जिले के रामपुर में आज चार दिवसीय अंतरराष्ट्रीय लवी मेले के समापन समारोह की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने घोषणा की कि पदम राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय रामपुर में अगले शैक्षणिक सत्र से सीबीएसई पाठयक्रम आरम्भ किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने केंद्र सरकार से शिपकी ला के रास्ते व्यापार फिर से शुरू करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि शिपकी ला के रास्ते कैलाश मानसरोवर यात्रा शुरू करने पर भी बातचीत की जा रही है। उन्होंने कहा कि रामपुर बुशहर और पूह से दर्रे तक मौजूदा सड़क मार्ग से तीर्थयात्रा के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचा विकसित करना आसान होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने स्वयं शिपकी ला से सीमा पर्यटन की शुरुआत की थी और इसके परिणामस्वरूप, 70,000 से अधिक पर्यटक चीन सीमा के पास हिमाचल प्रदेश की खूबसूरत घाटियों का भ्रमण कर चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन पहलों से रामपुर क्षेत्र और किन्नौर ज़िले व आसपास के क्षेत्रों के निवासियों को महत्त्वपूर्ण लाभ होगा।


लवी मेले की शुभकामनाएं देते हुए उन्होंने कहा कि यह मेला न केवल हमारी सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है, बल्कि भारत और तिब्बत के बीच सदियों पुराने व्यापारिक और सांस्कृतिक संबंधों का जीवंत उदाहरण भी है। उन्होंने कहा कि सदियों पुराना यह मेला व्यापार, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और लोक परंपराओं के संरक्षण का वाहक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार हर क्षेत्र में गुणात्मक सुधार ला रही है। शिक्षा में सुधार का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश अब गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के क्षेत्र में पांचवें स्थान पर पहुंच गया है, जबकि पिछली भाजपा सरकार के कार्यकाल में यह 21वें स्थान पर था। प्रदेश सरकार ने पहली कक्षा से ही अंग्रेजी माध्यम शुरू किया और स्कूलों का युक्तिकरण भी किया जा रहा हैै।
स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधारों की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि आईजीएमसी शिमला और चम्याणा संस्थान में छह महीने के भीतर आधुनिक उपकरण उपलब्ध करवा दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि पड़ोसी राज्यों में जहां अभी तक सरकारी क्षेत्र में रोबोटिक सर्जरी की सुविधा नहीं है, वहीं हिमाचल प्रदेश ने चम्याणा संस्थान और टांडा मेडिकल कॉलेज में यह सेवा शुरू कर दी है।


ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार आपदा प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। इस वर्ष मानसून के दौरान 4,000 से अधिक आपदा प्रभावित परिवारों को अपने घरों के पुनर्निर्माण के लिए 81 करोड़ रुपये प्रदान किए गए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने 2024 में रामपुर के निकट समेज में आई आपदा से प्रभावित लोगों की भी पूर्ण सहायता की है। उन्होंने कहा कि सरकार ने केंद्र के समक्ष आपदा के कारण अपनी ज़मीन गंवाने वाले परिवारों के वन भूमि पर पुनर्वास का मामला उठाया है, क्योंकि इससे संबंधित कानून केंद्र सरकार के अधीन आता है। उन्होंने कहा कि अगर केंद्र सरकार अनुमति दे, तो हम हर भूमिहीन परिवार को एक बीघा ज़मीन देने के लिए तैयार हैं। अगर यह कानून हमारे अधिकार क्षेत्र में होता, तो मैं इसे एक मिनट में बदल देता।
लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने रामपुर आगमन पर मुख्यमंत्री का स्वागत किया और कहा कि 17वीं शताब्दी में शुरू हुआ यह मेला अपनी मूल भावना को बनाए रखते हुए निरंतर नई ऊंचाइयों को छू रहा है। उन्होंने बदलते समय में युवा पीढ़ी को मेले से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि रामपुर बुशहर के विकास में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी और मुख्यमंत्री के सहयोग से क्षेत्र के विकास को गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि रामपुर ब्लॉक में 13 सड़कों के लिए 120 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि मानसून के दौरान राज्य को भारी नुकसान हुआ है और पहली बार पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकानों के लिए मुआवजे की राशि 1.30 लाख रुपये से बढ़ाकर 7 लाख रुपये कर दी गई है, जो कि चार गुना वृद्धि है। उन्होंने आश्वासन दिया कि राज्य सरकार आपदा प्रभावित परिवारों के पुनर्वास में कोई कसर नहीं छोड़ेगी और आपदा के दौरान क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत का काम युद्धस्तर पर चल रहा है।
राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष एवं स्थानीय विधायक नंद लाल ने कहा कि लवी मेले का सदियों पुराना इतिहास रहा है और यह व्यापार पर केंद्रित है। समय के साथ इसका स्वरूप विकसित हुआ है और इसमें नए आयाम जुड़े हैं। वर्तमान में यहां लोक संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए चार दिनों तक सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। उन्होंने आपदा प्रभावित परिवारों को 2023, 2024 और 2025 में विशेष राहत पैकेज प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू का आभार व्यक्त किया।
विभागीय प्रदर्शनियों में बागवानी विभाग की प्रदर्शनी को प्रथम, कृषि विभाग को द्वितीय और जल शक्ति विभाग की प्रदर्शनी को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया। हस्तशिल्प श्रेणी में, ढालपुर के राम सिंह ने प्रथम, गाड़ागुशैणी के टेक सिंह ने द्वितीय और कुल्लू के बॉबी ने तृतीय पुरस्कार हासिल किया।
हथकरघा श्रेणी में पूह के यशु नेगी ने प्रथम, निचार के चंद्र सिंह ने द्वितीय और रिकांगपिओ के मणि ने तृतीय पुरस्कार प्राप्त किया।
धातु शिल्प में डोला राम सोनी ने प्रथम, लोतम सोनी ने द्वितीय और राम दास सोनी ने तृतीय पुरस्कार प्राप्त किया।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सभी विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए।


उपायुक्त एवं अंतर्राष्ट्रीय लवी मेला आयोजन समिति के अध्यक्ष अनुपम कश्यप ने मुख्यमंत्री को सम्मानित किया और मेले के दौरान आयोजित विभिन्न गतिविधियों और कार्यक्रमों की जानकारी दी।
राज्य भर से आए लोक कलाकारों ने हिमाचल प्रदेश की समृद्ध परंपराओं और उत्सवी भावना को प्रदर्शित करती जीवंत सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं।
इस अवसर पर पूर्व विधायक किशोरी लाल, हिमाचल प्रदेश राज्य वन विकास निगम के उपाध्यक्ष केहर सिंह खाची, हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक के अध्यक्ष देवेंद्र श्याम, मिल्कफेड के अध्यक्ष बुद्धि सिंह ठाकुर, एपीएमसी शिमला के अध्यक्ष देवानंद वर्मा, जिला परिषद अध्यक्ष चंद्रप्रभा नेगी, नगर परिषद रामपुर की अध्यक्षा मुस्कान और अन्य गणमान्य भी उपस्थित थे।

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